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शनिवार, 25 जुलाई 2009

मंजिल की तलाश


आज मैं अपनी जिन्दगी की बहुत बड़ी खुशी आप लोगों के साथ बांटना चाहता हूं 23 जुलाई को मेरा चयन IOCL (Indian Oil Corporation Limited) में हो गया ऐसा बन्धु-बान्धवों और आप सभी लोगों के आशिर्वाद के कारण हो सका मैं अभी चतुर्थ वर्ष (safety and fire engineering) का छात्र हूं अपने सभी मित्रों के लिये मैं ईश्वर से सफलता की कामना करता हूं और उनके लिये दो पंक्तियां................



ऐ मित्र !

क्यों भटक रहे हो,

मंजिल की तलाश में


मंजिल ?

मंजिल तो तुम्हारे सामने है,

फिर क्यों भटक रहे हो तलाश में


कायरता त्यागो,

लकीर के फ़कीर मत बने रहो,

जगाओ अपने पुरूषत्व को,

सारे पंच तत्व है तुममें


बस !

एक बार देखो कोशिश करके,

अम्बर झुक जायेगा ,

कदमों में तुम्हारे


तुम्हीं हो नभ के तारे,

तुम्हीं हो वसुंधरा के पुत्र


गर्व करेगा सारा जनमानस,

ऐ भारत के धीर वीर


(22 जून 1999)

-चन्दन कुमार झा